अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष को लेकर अमेरिकी जनता में असंतोष तेजी से बढ़ता दिख रहा है। हाल ही में सामने आए एक सर्वेक्षण के अनुसार, बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक चाहते हैं कि यह युद्ध जल्द से जल्द समाप्त हो जाए, भले ही इससे सरकार अपने घोषित उद्देश्यों को पूरी तरह हासिल न कर सके।

सर्वेक्षण में पाया गया कि लगभग 66 प्रतिशत अमेरिकी इस युद्ध को तुरंत समाप्त करने के पक्ष में हैं। इसके विपरीत, केवल 27 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो मानते हैं कि युद्ध तब तक जारी रहना चाहिए जब तक इसके सभी लक्ष्य पूरे न हो जाएं। करीब 6 प्रतिशत लोगों ने इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट राय नहीं दी।
यह आंकड़े इस बात की ओर संकेत करते हैं कि जैसे-जैसे युद्ध आगे बढ़ रहा है, आम नागरिकों का धैर्य कम होता जा रहा है। विशेष रूप से आर्थिक दबाव और अनिश्चितता ने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है।
बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव
युद्ध का असर केवल युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव अमेरिकी अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है। सर्वेक्षण के अनुसार, अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें तीन साल के उच्चतम स्तर को पार कर चुकी हैं और प्रति गैलन 4 डॉलर से ऊपर पहुंच गई हैं।
लगभग दो-तिहाई लोगों का मानना है कि आने वाले समय में ईंधन की कीमतें और बढ़ सकती हैं। इसके अलावा, आधे से अधिक उत्तरदाताओं ने आशंका जताई कि यह युद्ध उनकी व्यक्तिगत आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा।
सैन्य कार्रवाई के प्रति घटता समर्थन
सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि 60 प्रतिशत अमेरिकी ईरान पर सैन्य हमलों का विरोध करते हैं, जबकि केवल 35 प्रतिशत ही इसका समर्थन करते हैं।
यह रुझान इस बात को दर्शाता है कि जनता अब सैन्य समाधान के बजाय कूटनीतिक रास्ते को अधिक प्राथमिकता दे रही है। पहले भी विभिन्न सर्वेक्षणों में यह सामने आया था कि अधिकांश अमेरिकी नागरिक युद्ध के उद्देश्यों और रणनीति को लेकर स्पष्टता की कमी महसूस करते हैं।
राजनीतिक असर और बढ़ता दबाव
इस जनमत का असर अमेरिकी राजनीति पर भी साफ दिखाई दे रहा है। आगामी मध्यावधि चुनावों को देखते हुए सत्तारूढ़ दल पर दबाव बढ़ रहा है। विशेष रूप से विपक्ष और कुछ सत्ताधारी नेताओं के बीच भी इस युद्ध को लेकर मतभेद उभरने लगे हैं।
सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि रिपब्लिकन मतदाताओं के बीच भी राय बंटी हुई है। जहां 57 प्रतिशत रिपब्लिकन युद्ध जारी रखने के पक्ष में हैं, वहीं 40 प्रतिशत इसके जल्द अंत के समर्थक हैं।
अंतरराष्ट्रीय और मानवीय प्रभाव
यह संघर्ष केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में इसके गंभीर परिणाम सामने आ रहे हैं। युद्ध के कारण व्यापक जनहानि हुई है और वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी अस्थिरता आई है, जिससे कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।
कुल मिलाकर, यह स्पष्ट है कि अमेरिकी जनता अब इस युद्ध को लेकर थकान महसूस कर रही है और जल्द समाधान चाहती है। आर्थिक दबाव, बढ़ती महंगाई और अनिश्चित भविष्य ने लोगों को युद्ध के खिलाफ खड़ा कर दिया है।
यदि यही रुझान आगे भी जारी रहता है, तो सरकार के लिए इस संघर्ष को जारी रखना राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जनता की बढ़ती असहमति यह संकेत दे रही है कि अब समय आ गया है जब युद्ध के बजाय शांति और कूटनीति को प्राथमिकता दी जाए।
(GCN)
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