रूस ने ज़िरकॉन मिसाइल परीक्षण किया, बारेंट्स सागर में एक लक्ष्य को मारा गया

रूस ने रविवार को घोषणा की कि उसने अपने अत्याधुनिक ज़िरकॉन (Tsirkon) हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल का परीक्षण बारेंट्स सागर (Barents Sea) में किया। इस दौरान रूस के सुपरसोनिक सुखोई Su-34 लड़ाकू-बमवर्षक विमानों ने भी बमबारी अभ्यास किया। यह प्रदर्शन रूस और बेलारूस के संयुक्त सैन्य अभ्यास “ज़ापाद” (Zapad – पश्चिम) का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य आपसी सैन्य तालमेल और कमांड संरचना को मज़बूत करना है।

अभ्यास का उद्देश्य और NATO की प्रतिक्रिया

रूस और बेलारूस ने स्पष्ट किया है कि यह अभ्यास पूरी तरह रक्षात्मक (defensive) प्रकृति का है और किसी भी नाटो (NATO) देश पर आक्रमण की योजना का हिस्सा नहीं है। इसके बावजूद, पश्चिमी सैन्य गठबंधन नाटो ने रूस के ड्रोन के पोलैंड में घुसपैठ (9-10 सितंबर) के बाद अपनी “ईस्टर्न सेंट्री” (Eastern Sentry) नामक सैन्य कार्रवाई की घोषणा कर दी। यह स्पष्ट करता है कि यूरोप का सुरक्षा वातावरण कितना तनावपूर्ण और अविश्वास से भरा हुआ है।

ज़िरकॉन मिसाइल की विशेषताएँ

रूस के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी वीडियो में दिखाया गया कि नॉर्दर्न फ़्लीट का एडमिरल गोलोव्को युद्धपोत ऊर्ध्वाधर प्रक्षेपण (vertical launch) से ज़िरकॉन मिसाइल दागता है। मंत्रालय ने दावा किया कि मिसाइल ने वास्तविक समय की निगरानी के अनुसार सीधे लक्ष्य को नष्ट किया।

ज़िरकॉन को रूस की सबसे खतरनाक हाइपरसोनिक तकनीकों में गिना जाता है।

*यह ध्वनि की गति से 9 गुना तेज़ (Mach-9) उड़ान भर सकती है।

*इसकी मारक क्षमता 400 किमी से 1000 किमी तक मानी जाती है।

*इसका वॉरहेड भार लगभग 300-400 किलोग्राम है।

*इसे रूस में 3M22 Zircon कहा जाता है, जबकि नाटो इसे SS-N-33 के नाम से जानता है।

सामरिक संदेश

यह अभ्यास केवल रूस और बेलारूस के सैन्य सहयोग का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि पश्चिमी शक्तियों को यह संदेश देने का भी प्रयास है कि मॉस्को के पास अत्याधुनिक हथियार प्रणालियाँ मौजूद हैं।

रूस यह दिखाना चाहता है कि उसके पास ऐसे हथियार हैं जिनका प्रतिरोध करना नाटो के लिए भी कठिन होगा।

साथ ही, यह अभ्यास रूस और बेलारूस के बीच सैन्य गठजोड़ की मजबूती का प्रमाण भी है।

दूसरी ओर, नाटो द्वारा की गई “Eastern Sentry” प्रतिक्रिया बताती है कि पश्चिम इस शक्ति प्रदर्शन को हल्के में लेने को तैयार नहीं है।

रूस का यह ज़िरकॉन परीक्षण और बेलारूस के साथ संयुक्त अभ्यास वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में नया तनाव जोड़ता है। मॉस्को एक ओर इसे रक्षात्मक बताकर अपने कदम को वैध ठहराता है, तो दूसरी ओर पश्चिम इसे संभावित आक्रामक संकेत के रूप में देखता है। आने वाले समय में यह टकराव यूरोप में नई हथियार प्रतिस्पर्धा और रणनीतिक अस्थिरता को जन्म दे सकता है।

-ग्लोबल चर्चा नेटवर्क (GCN)

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About the author

Sophia Bennett is an art historian and freelance writer with a passion for exploring the intersections between nature, symbolism, and artistic expression. With a background in Renaissance and modern art, Sophia enjoys uncovering the hidden meanings behind iconic works and sharing her insights with art lovers of all levels. When she’s not visiting museums or researching the latest trends in contemporary art, you can find her hiking in the countryside, always chasing the next rainbow.