गाज़ा में तबाही, इज़राइल ने 30 इमारतें ध्वस्त कीं, हजारों लोग बेघर

गाज़ा शहर में इज़राइली बलों ने कम से कम 30 आवासीय इमारतों को ध्वस्त कर दिया और हजारों लोगों को बेघर होने पर मजबूर कर दिया। यह घटना ऐसे समय हुई जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो रविवार को क्षेत्र के दौरे पर पहुँचे, ताकि संघर्ष के भविष्य और संभावित समाधान पर चर्चा कर सकें।

इज़राइल की रणनीति और गाज़ा की स्थिति

इज़राइल ने घोषणा की है कि वह गाज़ा शहर को हथिया लेने की योजना बना रहा है, जहाँ करीब 10 लाख फ़िलिस्तीनी शरण लिए हुए हैं।

तेल अवीव का तर्क है कि गाज़ा शहर हमास का “आख़िरी गढ़” है।

इसी कारण हालिया हमले और तेज़ कर दिए गए हैं।

यह कार्रवाई मानवीय दृष्टि से गंभीर संकट पैदा कर रही है, क्योंकि पहले से ही भूख और कुपोषण का सामना कर रही गाज़ा की जनता अब और अधिक विस्थापित हो रही है।

कूटनीतिक हलचल और कतर की भूमिका

इज़राइल ने हाल ही में दोहा (कतर) में हमास की राजनीतिक नेतृत्व पर हवाई हमला किया, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना मिली।

कतर सोमवार को एक आपातकालीन अरब-इस्लामी शिखर सम्मेलन बुला रहा है।

रुबियो ने कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता गाज़ा में बचे 48 बंधकों (जिनमें से केवल 20 जीवित माने जा रहे हैं) की रिहाई और गाज़ा के पुनर्निर्माण पर चर्चा करना है।

उनका बयान, “जो हुआ, सो हुआ, अब हमें भविष्य पर बात करनी है”, इस बात का संकेत है कि वाशिंगटन अब संघर्ष के बाद की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है।

अमेरिका-इज़राइल रिश्ते और विवादित हमला

मंगलवार को दोहा में हुआ हवाई हमला अमेरिका के लिए भी परेशानी का कारण बना, क्योंकि यह उसके करीबी सहयोगी देश कतर की संप्रभुता पर हुआ। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे इज़राइल की एकतरफ़ा कार्रवाई बताया, जो न तो अमेरिकी और न ही इज़राइली हितों के अनुरूप थी। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री रुबियो ने कतर के प्रधानमंत्री से मुलाकात की, ताकि स्थिति को संभाला जा सके।

अब्राहम समझौते पर खतरा

इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत वेस्ट बैंक में नई बस्तियों का विस्तार किया जाएगा।

इस कदम से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने चेतावनी दी है कि यह निर्णय अब्राहम समझौते (Abraham Accords) को कमजोर करेगा, जिसने UAE और इज़राइल के बीच 2020 में संबंध सामान्य किए थे।

यदि इज़राइल अपनी योजना पर अड़ा रहता है, तो इससे खाड़ी देशों और इज़राइल के बीच उभरते रिश्तों पर गंभीर असर पड़ सकता है।

मानवीय संकट और भविष्य

*अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि यदि इज़राइल गाज़ा शहर पर कब्ज़ा करता है तो यह पहले से संकटग्रस्त जनसंख्या के लिए विनाशकारी होगा।

*लाखों लोग भूख, पानी और दवाइयों की कमी से जूझ रहे हैं।

*निरंतर हमलों ने संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों को भी चिंतित कर दिया है।

गाज़ा पर इज़राइल की सैन्य कार्रवाई केवल क्षेत्रीय भू-राजनीतिक समीकरण को नहीं बदल रही, बल्कि यह मानवीय आपदा को भी गहरा रही है। अमेरिका और इज़राइल की रणनीति में तालमेल की कमी, कतर जैसे सहयोगियों की असंतुष्टि, और अब्राहम समझौते पर मंडराता खतरा यह दर्शाता है कि यह संघर्ष केवल गाज़ा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व की स्थिरता दांव पर है।

-ग्लोबल चर्चा नेटवर्क (GCN)

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About the author

Sophia Bennett is an art historian and freelance writer with a passion for exploring the intersections between nature, symbolism, and artistic expression. With a background in Renaissance and modern art, Sophia enjoys uncovering the hidden meanings behind iconic works and sharing her insights with art lovers of all levels. When she’s not visiting museums or researching the latest trends in contemporary art, you can find her hiking in the countryside, always chasing the next rainbow.