अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद शनिवार को पाँच F-35 स्टेल्थ लड़ाकू विमान प्यूर्टो रिको में उतरे। यह तैनाती अमेरिका की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत कैरिबियाई क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और साथ ही वेनेजुएला पर सामरिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

प्यूर्टो रिको में सैन्य जमावड़ा
रॉयटर्स फोटोग्राफर के कैमरे में कैद हुए इन F-35 विमानों के अलावा हाल के दिनों में प्यूर्टो रिको के रूज़वेल्ट रोड्स सैन्य अड्डे पर अमेरिकी हेलिकॉप्टर, ऑस्प्रे विमान, परिवहन विमान और सैनिकों की मौजूदगी भी देखी गई। इस सप्ताह अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और शीर्ष जनरल ने अचानक प्यूर्टो रिको का दौरा कर हालात का जायजा लिया, जिससे यह संकेत मिला कि वाशिंगटन इस क्षेत्र में अपने सैन्य दबदबे को मज़बूत करना चाहता है।
ट्रंप प्रशासन का उद्देश्य
हालाँकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका का लक्ष्य वेनेजुएला में शासन परिवर्तन (regime change) नहीं है। उनका कहना है कि यह तैनाती मादक पदार्थों के गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई को तेज करने के लिए है।
हाल ही में अमेरिकी नौसेना ने वेनेजुएला से आए एक कथित नशीले पदार्थों से भरे जहाज़ पर हमला कर 11 लोगों को मार गिराया।
यह कदम उस समय उठाया गया जब अमेरिका ने दक्षिणी कैरिबियन में युद्धपोतों की तैनाती की थी।
वेनेजुएला की प्रतिक्रिया
वेनेजुएला सरकार ने आरोप लगाया कि मारे गए लोग ड्रग तस्कर नहीं बल्कि निर्दोष नागरिक थे।
साथ ही, कराकस ने यह भी दावा किया कि एक अमेरिकी विध्वंसक जहाज़ (destroyer) ने उसकी टूना मछली पकड़ने वाली नाव को आठ घंटे तक कब्ज़े में रखा।
वेनेजुएला का कहना है कि उस नाव पर केवल नौ साधारण मछुआरे थे और यह कार्रवाई पूरी तरह गैर-कानूनी व शत्रुतापूर्ण थी।
सामरिक परिप्रेक्ष्य
F-35 दुनिया के सबसे उन्नत स्टेल्थ फाइटर जेट हैं।
यदि संघर्ष की स्थिति उत्पन्न होती है, तो वेनेजुएला की वायुसेना (जिसमें अभी भी F-16 विमान हैं) F-35 की तकनीकी श्रेष्ठता के सामने कमजोर साबित हो सकती है।
इस तैनाती को केवल मादक पदार्थ विरोधी अभियान तक सीमित मानना मुश्किल है, क्योंकि इससे अमेरिका को वेनेजुएला के रणनीतिक क्षेत्रीय प्रभाव को चुनौती देने और कैरिबियन में सैन्य उपस्थिति को मजबूत करने का अवसर भी मिलता है।
अमेरिका की यह पहल स्पष्ट करती है कि मादक पदार्थों पर लगाम लगाने की आड़ में वाशिंगटन वेनेजुएला सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है। दूसरी ओर, वेनेजुएला इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मान रहा है। यह टकराव आने वाले समय में कैरिबियाई क्षेत्र को अस्थिरता और सैन्य तनाव की ओर धकेल सकता है।
-ग्लोबल चर्चा नेटवर्क (GCN)
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